Saturday, 22 August 2020

अनिंद्रा रोग उपाय

 *देर रात तक नींद नहीं आना ..? अनिद्रा या उन्निद्र रोग (इनसॉम्निया )--कुंडली में हो सकता है दोष -कुंडली का विश्लेषण अवश्य करवा लेना चाहिए।*

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जन्म पत्रिका के 12वें भाव एवं द्वादशेश से निद्रा व शैया सुख का विचार किया जाता है।यहाँ पर शनि राहु केतु जैसा क्रूर ग्रह अथवा उनकी धृष्ट्या पड़ रही हो तो जातक को नींद की कमी होगी वही 12 भाव में राहु ग्रह व्यक्ति को 65 % तक अल्पनिद्रा रोग देता है। यहाँ का राहु ग्रह आपको सुखपूर्वक नींद नहीं लेने देता ।

            जन्मपत्री का. ' द्वादश भाव ' का अधिपति स्वराशि होकर के वही बैठा हो तो जातक को बहुत ज्यादा नींद आती है।

         अनिद्रा  ( इनसॉम्निया )रोग में बुध ग्रह बहुत हद तक नीच नवांश में होना उस पर राहु ग्रह केतु ग्रह की 579 वी दृस्टि नींद की मात्रा कम करती है। जन्मपत्री में बुरे ग्रहो का प्रभाव ज्यादा हो तो व्यक्ति को. उन्निद्र रोग होता है।. कुंडली में जब लग्नेश -36812 भावगत हो जाये यदि जातक को नींद में एकदम अचानक डर के नींद भंग हो तो वहा कुंडली में राहु ग्रह का उपचार करना अनिवार्य होगा. ।जन्मपत्री में चंद्र ग्रह शुक्र ग्रह का सही विवेचन कर न आवश्यक है 


अनिद्रा के उपचार :- नियमित व्यायाम, सकारात्मक विचार , नियमित दिनचर्या,  राहु मंत्र का जाप, गणेश जी की आराधना, 

           नोट विशेष :- मैंने 500 से ज्यादा clients की कुंडली में पाया रात को 2 या 3 बार नींद से जागता हो तो पितृ दोष का सूचक हे उपाय के द्वारा जातक को लाभ दिया जा सकता है।

दुर्गा सप्तशती के इस मंत्र 'निद्रां भगवतीं विष्णो अतुलाम तेजसः प्रभु' इस मन्त्र का जप गहरी नींद लाने के लिए सहायक होता है। इस मंत्र का उपयोग करने से उन लोगों को भी लाभ होता है जिनकी नींद बीच बीच में टूट जाती है।

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वास्तु - ज्योतिष विशेषज्ञ

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Vastu Guru Mkpoddar

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